रविवार, 27 दिसंबर 2009

योगेन्द्र मौदगिल उवाच.."सुण ल्यो रै"........

फौज म्हं भरती होग्या ताऊ....


एक बै की बात...
माइ डीयर भाइयों अर डीयरेस्ट भाभियों


बात तब की सै जिब ताऊ जवान था उस टेम ताऊ मनोज कुमार की फिलम देख्या करता
फिलम देखता-देखता जोश म्हं आकै एक दिन्न फौज म्हं भरती होग्या
अर ट्रेनिंग पै चल्या गया


ईब भाई ट्रेनिंग आला मेजर सारा दिन ट्रेनिंग देता
ताऊ होग्या दुखी
दिमाग लड़ाया अक क्यूक्कर छुटकारा मिलै
हरियाणे का आदमी पीठ दिखा कै या मूं छिपा कै तो भाग्गै कोनी
ईब के करूं ?
ताऊ नै जितने बी देवी-देवता याद आये उनका नाम ले-ले कै तरकीब सोचणी सुरू करी
कमाल....!
कमाल का आइडिया रात नै ई आग्या....!
ताऊ सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारा बाप्पू चल बस्या थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी


हरियाणे का आदमी पीठ दिखा कै या मूं छिपा कै तो भाग्गै कोनी
ईब के करूं
ताऊ नै फेर जितने बी देवी-देवता याद आये उनका नाम ले-ले कै तरकीब सोचणी सुरू करी
कमाल
कमाल का आइडिया रात नै ई फेर आग्या
ताऊ सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारी मां चल बस्यी थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी


पर ताऊ के मान्नै था..?
ताऊ फेर सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब...
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारा बापू चल बस्या थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी


पर कमाल.......... ताऊ के मान्नै था....?
ताऊ फेर सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारी मां चल बस्यी थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी ताऊ घरां चला गया


ये तरीका ताऊ नै जिब छटी-सातवीं बार दोहराया तो मेजर का माथा ठनका उसनै अपना कलर्क बुलाया अर सारी डिटेल कढ़वाई


कमाल की डिटेल ताऊ नै चार बेर बापू मार राखया अर पांच बेर मां...


मेजर नै ताऊ बुलाया अर बोल्या रै जवान मुझे तो तेरे पै बहोत यकीन था पर तू तो बहोत झूठा निकला


ताऊ बोल्या मेजर साब मैं सूं हरियाणे का झूठ नहीं बोलता आप मेरे पै गलत इल्जाम मत लगाऒ


मेजर नै डिटेल काढ़ कै उसके आग्गै धर दी अक् यू के सै ?
तू अगर झूठ नहीं बोलता तो बता यू चार बेर बापू का किरयाकरम अर पांच बेर मां का किरयाकरम क्यूक्कर कर्या


ताऊ बोल्या जी इसमैं झूठ के मैं तो असली का किरयाकरम कर कै आया


मेजर चिल्लाया रै ताऊ फेर झूठ बोल रह्या


ताऊ बोल्या रै मेजर साब चुप होजा मैं झूठ कोनी बोल रह्या ध्यान तै सुण
देख जिब पहली बार मेरा बापू मरा... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या.. मेरी मां नै दूसरा ब्याह कर लिया..
फेर मेरी मां मरगी... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या तो मेरे बापू नै दूसरा ब्याह कर लिया...
फेर मेरा वो बापू मरग्या... मैं गया किरयाकरम कर कै आग्या... तो मेरी इस मां नै दूसरा ब्याह कर लिया...
फेर मेरी या वाली मां मरगी... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या तो मेरे इस बापू नै दूसरा ब्याह कर लिया.


मेजर हाथ जोड़ कै बोल्या रै मेरे हरियाणवी बाप मान ग्या तनै
ईब तू चल्या जा भीत्तर....


ताऊ बोल्या जी... क्यूक्कर चल्या जाऊं... घरां तै फोन आया सै अक् मेरी मां मरगी छुट्टी देद्यो...
मेजर अपने बाल नोचता होया भाग खड्या होया....


अर म्हारा ताऊ खड्या खड्या सोच रहा.... अक मनै ईसा के कह दिया अक् यू मेजर न्यू ऐ भाज लिया.....
--योगेन्द्र मौदगिल



6 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari 27 दिसंबर 2009 को 7:22 am  

ये भी सही रही!!

डॉ टी एस दराल 27 दिसंबर 2009 को 9:33 am  

हा हा हा ! मान ग्ये भाई, ताऊ नै bhi और तमने bhi।
वैसे ताऊ तो अभी bhi ज़वान है।

निर्मला कपिला 27 दिसंबर 2009 को 10:54 am  

वाह क्या चर्चा है धन्यवाद्

ताऊ रामपुरिया 27 दिसंबर 2009 को 11:08 am  

मेजर हाथ जोड़ कै बोल्या रै मेरे हरियाणवी बाप मान ग्या तनै
ईब तू चल्या जा भीत्तर....


भाई या बात तो तन्नै कती घरै घालदी और मन्नै मंजूर भी करली. पर तू मन्नै नू बता अक यो के बात कही? माइ डीयर भाइयों अर डीयरेस्ट भाभियों.... भाई डियरेस्ट क्युं ना हो सकै? ताऊ न इसका जवाब चाहिये ..नही तो आज ही भौडिया न फ़ोन कर के बोलूंगा...कि जरा खबर लेलेवे नही तो हाथ स निकलण के पक्के चांस होरे सैं.:)

रामराम.

काजल कुमार Kajal Kumar 27 दिसंबर 2009 को 12:01 pm  

इतना सुन कर इस बार तो मेजर की मां ज़रूर मर गई होगी :)

Kulwant Happy 27 दिसंबर 2009 को 6:24 pm  

तऊ तो बहुत स्कीमी निकला. साँप भी मारा डाला और लठ भी बचा ली...